देश में तीस फीसद गैस आपूर्ति बाधित, जमाखोरों पर कार्रवाई के लिए कड़ा कानून लागू

युद्ध कहीं हो प्रभाव तो पड़ते ही हैं। ईरान युद्ध का प्रभाव भी भारत पर पड़ा है। देश में 30 प्रतिशत गैस आपूर्ति बाधित हुई है। जमाखोरों के खिलाफ सरकार ने कड़े कानून की कार्रवाई करने की घोषणा की है।

यह चिंतजनक बात है कि अचानक से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होना, कमर्शियल गैस सिलेंडरों में बीस प्रतिशत कटौती की खबरों के बीच अफवाहवाजी का भी माहौल बना हुआ है। आवश्यकता जागरूकता फैलाने की है। जिला प्रशासन प्रतिदिन आपूर्ति बुलेटिन जारी करे जिससे जनता के अंदर की बेचैनी दूर हो।

प्रायः युद्ध, अकाल, प्राकृतिक आपदा आने के बाद आफवाह बाज भी सक्रिय हो जाते हैं। अफवाहबाजी से एक तरफ कालाबाज़रियों को बल मिलता है तो दूसरी तरफ उपभोक्ता परेशान होता है। अचानक से मूल्य वृद्धि जैसी कोई भी परिस्थिति बनने पर सरकार आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 लागू कर देती है ताकि बेहद जरूरी सामान जैसे अनाज, दवाएं, तेल, पेट्रोलियम, तेल, चीनी, सब्जियां, दलहन और बाकी जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके और आमजन को इनकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।अधिनियम 1955 लागू होने और इसमें शामिल किसी भी वस्तु की कालाबाजारी या सीमा से अधिक मात्रा में जमाखोरी करते पाए जाने पर 3 महीने से लेकर 7 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

आवश्यकता इस बात की है कि प्रशासन किसी भी गैस गोदाम के बाहर लगी भीड़ के भीतर के डर को भी समझे। ये लाईने क्यों बड़ी हो रहीं हैं? भीड़ क्यों बढ़ रही है?पूर्व में आम दिनों की भांति जो सामान्य डिलेवरी हो रही थी, क्या उसमें कोई व्यवधान आ रहा है। यदि प्रशासन जल्द इन परिस्थितियों पर नियंत्रण नहीं करेगा तो आगे यह समस्या और जटिल होगी।