जनपद बांदा।
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद में भक्ति के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का एक अनूठा संगम देखने को मिला। शक्ति पीठ तिंदवारा धाम में स्थित माँ दुर्गा पंडाल पर एक विशेष अभियान के तहत 1100 पौधे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को वितरित किए गए। यह कार्यक्रम गंगा समग्र, कानपुर प्रांत, जिला बांदा एवं विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के लिए वन विभाग बांदा के डीएफओ पंकज शुक्ला के विशेष सहयोग से पौधे उपलब्ध कराये गये। तिंदवारा की दुर्गा पंडाल कमेटी के सभी पदाधिकारियों ने इस वर्ष माँ दुर्गा की प्रतिमा को प्राकृतिक स्वरूप में – मिट्टी, पत्तों, फूलों और जूट से सजाकर स्थापित किया है। पंडाल में कहीं भी प्लास्टिक और POP का उपयोग नहीं किया गया है। पंडाल कमेटी ने सभी दर्शनार्थियों से अपील की है कि आप सभी लोग अगर बांदा को बचाना चाहते हैं तो प्रकृति से जुड़ना पड़ेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता जिला संयोजक महेश कुमार प्रजापति ने कहा कि पिछले वर्ष बांदा 49 डिग्री तापमान के साथ दुनिया का सबसे गर्म शहर बना था, यह कोई गर्व की बात नहीं, यह प्रकृति की चेतावनी थी। आज हम सभी ने माता रानी से नारियल और चुनरी नहीं, बल्कि एक-एक पौधा प्रसाद में लिया है। यह पौधा नहीं, बांदा का भविष्य है। हमारी माता रानी भी प्रकृति की देवी हैं। वो शेर पर सवार होकर जंगल में रहती हैं। इसलिए नवरात्रि की सच्ची पूजा तभी होगी जब हम एक-एक पेड़ लगायें। अगर आज हम प्रकृति से नहीं जुड़े तो आने वाले भविष्य में बांदा पर जल संकट, तापमान और बंजर भूमि का भारी संकट पड़ेगा। मैं हृदय से वन विभाग के डीएफओ पंकज शुक्ला का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस धर्म और पर्यावरण के महायज्ञ में पौधे देकर विशेष सहयोग किया।”
कार्यक्रम में उपस्थित महामंत्री राकेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि तिंदवारा धाम की इस पहल ने पूरे बुंदेलखंड को एक नई दिशा दी है। हम आज तक दुर्गा पंडालों में चमक-दमक और डीजे देखते आये हैं, लेकिन तिंदवारा के युवाओं ने यह साबित कर दिया कि भक्ति के साथ-साथ शक्ति और पर्यावरण की रक्षा भी की जा सकती है। हमारे वेदों में लिखा है – ‘वृक्ष ही देवता हैं’। एक पीपल, एक बरगद, एक नीम का पेड़ 100 पुत्रों के समान होता है। आज 1100 पौधे बांटना मतलब 1100 पुत्रों को जन्म देना है। मेरा सभी से निवेदन है कि इन पौधों को केवल लेकर न जायें, इन्हें लगायें, इन्हें पानी दें और इन्हें बड़ा करें। गंगा समग्र का संकल्प है – नदी बचेगी, वृक्ष बचेगा, तभी बुंदेलखंड बचेगा।”
महेश प्रजापति एवं राकेश त्रिपाठी ने उपस्थित सभी लोगों को पौधे को पुत्र की तरह पालने और अगले नवरात्रि तक उसकी फोटो लाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर तिंदवारा धाम के पुजारी, दुर्गा पंडाल कमेटी के सभी पदाधिकारी एवं सैकड़ों ग्रामवासी मौजूद रहे।
Crime 24 Hours / Mitesh Kumar


