स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराएं : आयुक्त

जनपद बांदा।

आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की मण्डल स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. अभय कुमार सिंह सहित सम्बन्धित मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक तथा कार्यक्रम प्रबन्धन इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में शव वाहन, ब्लड बैंक, आईसीयू, HPV टीकाकरण, मेडलीप्र पोर्टल, STEMI, NTEP, जननी सुरक्षा योजना, आशा कार्यक्रम, आयुष्मान भारत, ई-संजीवनी, ABHA आईडी, मानव सम्पदा एवं कर्मयोगी पोर्टल, अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र, NQAS प्रमाणन, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबन्धन, अस्पतालों की स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता तथा लम्बित शिकायतों सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उपस्थिति पंजिका, भ्रमण पंजिका तथा अवकाश अभिलेख व्यवस्थित रखे जाएं। मानव सम्पदा पोर्टल पर अवकाश स्वीकृत होने के बावजूद सम्बन्धित अभिलेखों की हार्ड कॉपी भी सुरक्षित रखी जाए। अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा लापरवाही एवं खराब प्रगति पाए जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, मरीजों के लिए समुचित व्यवस्था तथा जैव चिकित्सा अपशिष्ट का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। गर्भवती महिलाओं, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को विशेष देखभाल उपलब्ध कराई जाए। जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थियों का शत- प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए जिला महिला चिकित्सालय एवं प्रथम संदर्भन इकाइयों में आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने ई-संजीवनी के माध्यम से ओपीडी सेवाओं में वृद्धि, शत-प्रतिशत ABHA आईडी निर्माण तथा आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने एवं उनके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र मरीजों को योजना का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा नहीं होनी चाहिए। सभी स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित समीक्षा कर अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए।

डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, जांच एवं उपचार की व्यवस्था, साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम तथा जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही शव वाहनों की उपलब्धता एवं संचालन, अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र, अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की क्रियाशीलता तथा आपातकालीन सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करने को कहा गया। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी सम्बन्धित अस्पताल निर्धारित मानकों के अनुरूप NQAS प्रमाणन की कार्यवाही समय से पूर्ण करें। ब्लड बैंक, आईसीयू, ऑपरेशन सेवाओं, वाहन पार्किंग, रसोई एवं मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए। लम्बित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा GPF एवं सेवा पुस्तिकाओं का अद्यतन भी सुनिश्चित किया जाए।

आगामी दीपावली एवं अन्य त्योहारों के दृष्टिगत सभी चिकित्सालयों में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता, पर्याप्त दवाएं, एम्बुलेंस एवं शव वाहन सेवाएं तथा आपातकालीन उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी पर्यवेक्षणीय अधिकारी नियमित क्षेत्रीय भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं का स्थलीय सत्यापन करेंगे तथा प्रगति एवं कमियों के सम्बन्ध में अपनी रिपोर्ट मण्डलीय कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही अथवा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट