खागा फतेहपुर ::- बीते 24 अप्रैल को खागा थाना क्षेत्र में मंगेतर के साथ जा रही पीड़िता को बंधक बनाकर दमगों ने दुष्कर्म किया और मोबाइल के जरिए अपने खाते में पैसा भी ट्रांसफर करा लिया। पीड़िता ने खागा थाने में न्याय की गुहार लगाई जिस पर तत्कालीन थाना प्रभारी पीड़िता की एक न सुनी और थाने से भेज दिया। मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा तो पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई किया। जिसमें थाना प्रभारी सहित कस्बा प्रभारी को भी निलंबित कर दिया। वही दो आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। जबकि तीसरा आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर है और बताया जाता है की वह भाजपा का मंडल उपाध्यक्ष भी है। बस यह मामला आते हैं सियासत गरमाने लगी। विपक्षी दलों का पीड़िता के घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ और सियासी हमदर्दी दिखाई जिसके चलते भाजपा प्रतिनिधिमंडल भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाजपा के जिला अध्यक्ष क्षेत्रीय विधायक व दो पूर्व राज्य मंत्री पीड़िता के गांव जाने लगे। तो पुलिस प्रशासन के साथ स्थानीय प्रशासन खागा कस्बे के चौराहे पर रोक लिया जो सियासी ही दिखाई देती रही। आश्चर्य तो तब हुआ की केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। वहीं फरार आरोपी भी सत्ता के नजदीक है और प्रशासन सत्ता को ही पीड़िता तक नहीं पहुंचने दे रही। पुलिस प्रशासन लगातार चार दिनों से फरार आरोपी को जल्दी ही गिरफ्तारी करने का दावा कर रही है। जिसमें कहीं न कहीं सत्ता का दबाव भी काम कर रहा है। एक दुष्कर्म पीड़िता की अस्मत पर सियासी गांव खेले जा रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दौरान पूर्व मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह क्षेत्रीय विधायक कृष्णा पासवान, पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह पटेल,महिला मोर्चा की अध्यक्षा ज्योति सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद रहे। आश्चर्यजनक तो तब रहा जब प्रशासन गिरफ्तारी से इनकार करता रहा और नेता गिरफ्तारी का संदेश देते रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट


