नियम कायदा ताक में रख हो रहा मौरंग खनन

रानीपुर (खण्ड तीन) खदान संचालक का दावा सभी हैं मैनेज

बिना नंबर प्लेटों के निकल रहे ओवरलोड डंफर

खागा फतेहपुर : नदियों में हो रहे मौरंग खनन में माफिया व खदान संचालक नियम, कायदों को ताक में रखकर रोजाना करोड़ों रुपये राजस्व का चूना लगा रहे हैं। मौरंग खदान में केन्द्रीय पर्यावरण विभाग से मिलने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र की शर्तो व स्थानीय लोगों की समस्याओं को भी दरकिनार करके खनन किया जा रहा है। अधिकारियों की भी भूमिका संदिग्ध रहती है। एक माह से रानीपुर खदान पर मौरंग खनन कराया जा रहा है। मौजूदा समय में खदान से दिन के उजाले में तो खनन होता ही है लेकिन रात के अंधेरे में अधिक खनन कराया जा रहा है। ट्रैक्टर ट्रालियों के सहारे सैकड़ो घन मीटर मौरंग निकाल कर स्थानीय क्षेत्र में उसकी बिक्री करते हैं। धाता थाना क्षेत्र के अन्तर्गत रानीपुर खदान में मौजूदा समय में यमुना नदीं में मौरंग खनन किया जा रहा है। खदानों में काम करने वाले लोगों की मानें तो खनन के काम में पूरी तरह से शासन सत्ता से जुडे़ लोग हावी हैं। मजदूरों को बिना तवज्जो दिए मशीनों से खनन कार्य होता है। ग्रामीणों की मानें तो एक माह में जितना खनन मशीनों के जरिए कराया जा चुका है, सिंडीकेट के नाम पर बैठे लोगों की मौजूदगी में खुलेआम एनओसी की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गांव के गलियारे तथा प्रमुख सड़को में बिना रस्सा, तिरपाल डालकर मौरंग लादे ट्रक व डंफर दिन भर निकलते हैं। खदानों के आस-पास के गावों के लोगों को वाहनों के जाम तथा गाड़ियों से उड़ते जहरीले धुएं से हो रही परेशानी में कोई निजात नही मिली है। मौरंग खदान में हो रहे खनन में देखा जा रहा है कि जहां से अच्छी मोरंग मिली वहीं बड़ी -बडी बूम मशीनों को लगाकर जलधारा से खनन करवाया जा रहा है। धाता थाना क्षेत्र के रानीपुर खदान में प्रयोग होने वाली लिफ्टर मशीनों से दो किमी क्षेत्र में जलधारा के बीच से मोरंग निकाली जा रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट