जिला पंचायतीराज अधिकारी पर शिकायतकर्ता को भ्रमित करने का दावा
खखरेरू/फतेहपुर ::- धाता विकासखंड अंतर्गत अखिलपुर ऐंराना ग्राम सभा में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए हैंडपंप मरम्मत, साफ-सफाई और इंटरलॉकिंग कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए गांव निवासी भूपेंद्र सिंह ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2023 में उन्होंने उक्त कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी सी इंदु द्वारा दो सदस्यीय जांच टीम का गठन कर गांव में जांच के लिए भेजा गया था।
आरोप है कि जांच टीम द्वारा निरीक्षण के बाद भी शिकायतकर्ता को आज तक जांच आख्या की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। भूपेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायतीराज विभाग से पत्राचार कर जांच रिपोर्ट मांगी, लेकिन उन्हें केवल दूरभाष के माध्यम से जानकारी दी गई, लिखित आख्या नहीं सौंपी गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने हैंडपंप मरम्मत, सीसी मार्ग निर्माण और साफ-सफाई के कार्यों की धनराशि अपने करीबी लोगों के खातों में स्थानांतरित कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। वहीं, जिला पंचायतीराज विभाग द्वारा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न करने से ग्राम प्रधान को संरक्षण मिल रहा है और भ्रष्टाचार को खुली छूट दी जा रही है।
मामले से क्षुब्ध शिकायतकर्ता ने पुनः जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच कराने तथा सरकारी धन की कथित बंदरबांट पर रोक लगाने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है और शिकायतकर्ता को न्याय मिल पाता है या नहीं।
ब्यूरो रिपोर्ट



