मिशन शक्ति के तहत अनूठी पहल, बालिकाओं ने संभाली विद्यालय की जिम्मेदारी

जनपद बांदा।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV), महुआ, बांदा में बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से अनूठी पहल की गई। इस दौरान कक्षा 11वीं की मेधावी छात्रा कु. पलक को एक दिन के लिए सांकेतिक प्रधानाचार्या बनाया गया। जिलाधिकारी अमित आसेरी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रा पलक ने प्रधानाचार्या की भूमिका निभाई। उन्होंने प्रार्थना सभा में भाग लिया, मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था का निरीक्षण किया, कक्षाओं का भ्रमण किया और शिक्षिकाओं के साथ बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर छात्रा पलक ने कहा कि नारी की उन्नति पर ही राष्ट्र की उन्नति निर्भर है। एक दिन की प्रधानाचार्या बनने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने शिक्षित और नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी व्यक्त किया। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या रजनी गुप्ता ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और आत्मगौरव की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं को भविष्य में जिम्मेदार पदों पर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में शिक्षिकाएं नीतू, दिव्या जैन, शिवानी द्विवेदी, नमिता, रीतू और सुधा प्रिया सहित छात्राएं एवं कुछ अभिभावक उपस्थित रहे।

Crime 24 Hours / ब्यूरो रिपोर्ट