पर्यावरण पहरूवा प्रवीण पाण्डेय की पुस्तक को प्रथम स्थान

हिंदी में तकनीकी पुस्तक लेखन पुरस्कार योजना–2024 के अंतर्गत “जलनिधियों को जीने दो” का चयन
गणतंत्र दिवस पर आई आई रुड़की में होगा सम्मान, जल संरक्षण लेखन को मिला राष्ट्रीय मंच
खागा/फतेहपुर ::- जल संरक्षण और जलविज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली पुस्तक “जलनिधियों को जीने दो” के लिए पर्यावरण पहरूवा एवं लेखक बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। उनकी इस पुस्तक का चयन राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की द्वारा संचालित हिंदी में तकनीकी पुस्तक लेखन पुरस्कार योजना–2024 के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार के लिए किया गया है।
यह पुरस्कार जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत प्रदान किया जा रहा है। पुरस्कार वितरण समारोह 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रातः 8 बजे राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की में आयोजित होगा, जहां संस्थान के निदेशक द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
पुस्तक “जलनिधियों को जीने दो” में तालाबों, नदियों, पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण, जल संकट की वर्तमान स्थिति तथा सामुदायिक सहभागिता की भूमिका को सरल, तथ्यपरक एवं जनसुलभ भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक जल संरक्षण के क्षेत्र में जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में देखी जा रही है।
प्रवीण पाण्डेय लंबे समय से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए सक्रिय हैं और विभिन्न सामाजिक व पर्यावरणीय आंदोलनों के माध्यम से जनचेतना फैलाने का कार्य कर रहे हैं। उनके इस राष्ट्रीय सम्मान पर जिले के सामाजिक, साहित्यिक एवं पर्यावरण प्रेमियों में हर्ष का माहौल है।
ब्यूरो रिपोर्ट



