ईश्वर दर्शन से ही प्रभु से सच्चा प्रेम संभव

खागा फतेहपुर ::- 

खागा में मंगलम गार्डेन, डाक खाना के सामने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में दिव्य गुरु सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से चल रही तीन दिवसीय श्री हरि कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन हो रहा है।

 

कथा के द्वितीय दिवस में गुरुदेव सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री भक्ति अर्चना भारती जी ने संगत को बताया कि सकल ब्रह्मांड में यदि सच्चे सेवक का नाम आता हैँ तो सर्व प्रथम हनुमान जी का ही आता है।
हनुमान का अर्थ ही होता है कि हनु + मान अर्थात् जो अपने मान – सम्मान का हनन कर दे।
हनुमान जी ने प्रभु श्री राम जी की सेवा में स्वयं के अस्तित्व को मिटा दिए।
अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता थे लेकिन विनम्रता की पराकाष्ठा को प्राप्त किये हुए थे।
प्रश्न यह है कि हनुमान जी के अंदर ये गुण कैसे आये. क्योंकि उनको प्रभु श्री राम जी ने ब्रह्मज्ञान के माध्यम से दिव्य दृष्टि प्रदान किया था।
गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्री राम चरित मानस में बताया कि
जाने बिनु ना होय परतीती।
बिनु परतीती होय नहीं प्रीती।
प्रीति बिना नहीं भगति दृढ़ाई।
जिमि खग पति जल कै चिकनाई।।
ईश्वर दर्शन के बाद ही ईश्वर से सच्चा प्रेम हो सकता है। तभी भक्ति में दृढ़ता आ सकती है।
गुरुदेव सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से ब्रह्म ज्ञान द्वारा दिव्य दृष्टि प्रदान किया जाता है।
इस घट के अंदर ही ईश्वर का साक्षात्कार कर सकते है।

कथा में मंच का संचालन स्वामी विश्वनाथानन्द जी ने किया। स्वामी दिव्येश्वरा नन्द जी, स्वामी शिव शरणा नन्द जी, साध्वी सुश्री सुबुद्धा भारती जी एवं समस्त साधु समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस कथा में मुख्यरूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक शिवशंकर जी , विभाग सह संघचालक कृष्णस्वरूप जी, जिला संघचालक मोतीलाल जी, जिला कार्यवाह राम अभिलाष, जिला प्रचारक मोहित नारायण, सह कार्यवाह सीतांशु , नगर प्रचारक पुष्प मित्र , विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अजय गुप्ता, बुंदेलखंड राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष प्रवीण पांडेय, पापू द्विवेदी, राम मूरत पांडेय, आशीष मौर्य, दुर्गेश द्विवेदी, सुरेश श्रीवास्तव, छत्रपाल मौर्य आदि प्रमुख रूप से रहेल

ब्यूरो रिपोर्ट