धाता के ऐरई घाट में बालू माफियाओं की मनमानी जिम्मेदार मौन

खागा फतेहपुर ::- धाता थाना क्षेत्र के ऐरई गांव में लाल बालू के अवैध खनन का मामला सामने आया है। यहां पोकलैंड मशीनों से बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। आरोप है कि खनन कार्य में नियमों की अनदेखी करते हुए धरती का सीना चीरकर गहराई तक खुदाई की जा रही है।

ग्रामीण सहदेव रामराज,बउरा ने बताया कि हमारी भूमधरी जमीन पर खनन किया जा रहा है गड्ढा बनाया जा रहा है। और किशनपुर द्वारा रानीपुर घाट खंड-3 का टेंडर आवंटित किया गया है, लेकिन खनन कार्य निर्धारित क्षेत्र के बजाय ऐरई गांव में किया जा रहा है। यह न केवल टेंडर की शर्तों का उल्लंघन है, बल्कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के मानकों की भी खुली अवहेलना है। नियमों के अनुसार सीमित गहराई और निर्धारित क्षेत्र में ही खनन की अनुमति होती है,लेकिन यहां मनमाने तरीके से मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।स्थानीय ग्रामीण सहदेव रामराज,बउरा का आरोप है कि खनन माफिया प्रशासन की मिलीभगत से यह कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लगातार हो रही खुदाई से जमीन धंसने और आसपास के खेतों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि पर्यावरण और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा की जाए।