स्वामी भगवान गिरी पहुंचे लार मठ
लोगो ने किया स्वागत
मठ विवाद पर लग गया विराम
एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में अपना आसन सम्हाले महराज जी
स्वामी भगवान गिरी अब मठ का कार्यभार स्वयं संभालेंगे। मंगलवार को स्वामी भगवान गिरी मठ पर पहुंचे । स्वामी भगवान गिरी के मठ पर आने के बाद लोगो ने स्वागत किया उनकी गाड़ी सोनरा बारी मठ गेट से अंदर आते ही लोगों ने फूल माला से लाद दिया । उनके आने के पहले सुरक्षा को लेकर पुलिस बल मठ पर मौजूद रही । एसडीएम सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव और तहसीलदार अलका सिंह के साथ पुलिसबल मौके पर रहा । स्वामी भगवान गिरी ने पहले अपने शिष्य अभयानंद गिरी को संचालन कीजिम्मेदारी दी थी। बीच में कुछ अविश्वास के बाद मठ से हटाने और रविंद्र गिरी को प्रतिनिधित्व का पत्र डीएम को दिया था। इस बात की जानकारी होते ही महंथ अभयानन्द मठ के मुख्य गेट के ताल बंद कर कहीं चले गए । स्वामी भगवान गिरी के पत्र के क्रम में डीएम दिव्या मित्तल ने तहसीलदार अलका सिंह को मौके पर भेज कर गेट के ताला खुलवाने और रविंद्र गिरी को स्थापित कराने का निर्देश दिया था । मौके पर पहुंची तहसीलदार अलका सिंह लेकिन पहले से गेट के अंदर मौजूद अभयानंद गिरी के समर्थक गेट नहीं खोलने दिए । मामला बिगड़ता देख स्वामी भगवान गिरी महाराष्ट्र से लखनऊ, फिर बनारस उसके बाद देवरिया पहुंचे। जिला प्रशासन सहित सभी जगहों पर महंथ पद पर पुनः बने रहने का लिखित पत्र दिया और उसके बाद अपने साथ रविंद्र गिरी को लेकर मठ पर पहुंचे । उनके आने की जानकारी होते ही भारी संख्या में लोग उनका फूल माला से स्वागत किया । मुख्य गेट पर पहुंचते ही मंगलाचरण से महंथ जी का स्वागत किया गया। मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव और तहसीलदार अलका सिंह स्वामी भगवान गिरी का पक्ष जाना तो उन्होंने कहा कि अभयानंद गिरी को जिस अखाड़ा के तहत महंथ पद रखा गया था उस निर्वाणी अखाड़ा द्वारा उन्हें हटा दिया गया है अब मैं स्वय सहयोगी के मदद से मठ का कार्य देखूंगा।



