होमगार्ड ने बचा ली विक्षिप्त किशोरी की आबरू, तीन आरोपी गिरफ्तार, होमगार्ड को मिला पुरस्कार

गोरखपुर। वदन वर्दी है तो आप की जिम्मेदारी भी अधिक है। एक जाम्बाज होमगार्ड ने मुख्यमंत्री के नगर गोरखपुर में अपने साहस और बुद्धिमता का परिचय देते हुए न सिर्फ एक विक्षिप्त किशोरी की आबरू बचा दी बल्कि हैवानों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मानसिक बीमारी युवती को ई रिक्शा सवार तीन युवक जबरन गाड़ी में बैठकर दुष्कर्म की नीयत से सुनसान जगह की तलाश में थे इसी बीच ऑन ड्यूटी होमगार्ड को शक हुआ और उसने ई-रिक्शा चालक को रोका, सारा माजरा समझते हुए लड़की को अपने कब्जे में लिया और ई रिक्शा चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। होमगार्ड के इस कार्य की प्रशंसा हो रही है, वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार हुए दो अन्य युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, रविवार की सुबह कार्मल स्कूल के पास ड्यूटी कर रहे होमगार्ड विजय प्रताप सिंह को पास से गुजर रहे ई-रिक्शा पर कुछ संदेह हुआ, तो उन्होंने उसे रोका और ई रिक्शा के पास पहुंचे तो अंदर चालक सहित दो अन्य युवक थे होमगार्ड को देखते ही तीनों घबरा गए और भागने की कोशिश की, हालांकि इनमें से दो तो फरार हो गए, लेकिन होमगार्ड ने ई रिक्शा चालक को पकड़ लिया। होमगार्ड ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लड़की को अपने कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ की, तो पता चला लड़की रेलवे स्टेशन के आसपास कबाड़ बिनने का काम करती है और मानसिक रूप से बीमार है। तीन युवक उसे ई-रिक्शा में बैठाया और सुनसान जगह की तलाश में थे। ताकि उसके साथ दुष्कर्म कर सके।गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कैंपियरगंज के मोहम्मदपुर निवासी आकाश, कुशीनगर जिले के दुधरा निवासी अजय और शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार निवासी बजरंगी के रूप में हुई है।

गोरखपुर में पुलिस अफसरों ने होमगार्ड को सम्मानित करते हुए शाबासी दी।