फर्जी वरासत से लाखों की जमीन हथियाने की साजिश

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 फतेहपुर ::- नीम टोला मुहल्ले के रहने वाले अमृतलाल उर्फ धुन्नू ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दी। उन्होंने डीएम रविंद्र कुमार सिंह से मिलकर बताया कि नि:संतान चाचा देशराज ने वर्ष 1986 में उनके साथ में भाई दशरथ लाल व रोशनलाल उर्फ मुन्नू के नाम पर अपनी चल-अचल संपत्ति की रजिस्टर्ड वसीयत की थी। तीन साल बाद 1989 में रजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर तहसीलदार के आदेश पर प्रार्थीगण के पक्ष में आदेश हो गया।

आदेश होने के बाद तीनों भाई भूमि पर कब्जा-दाखिल हो गए। तीसरे व्यक्ति राजबहादुर ने कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई तो उसका वाद योजित हो गया। अमृतलाल ने बताया कि तीनों भाई न्यायालय के माध्यम से निर्णय का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान रामसुमेर नाम के व्यक्ति ने फर्जीवाड़ा करके लेखपाल व कानूनगो से मिलाकर देशराज की वरासत अपने नाम करा ली। लेखपाल व कानूनगो का सहयोग होने से 24 दिसंबर 2025 को हुई वरासत में पांच दिन बाद 29 दिसंबर को खतौनी में उसका नाम भी दर्ज हो गया। अमृतलाल ने डीएम को बताया कि फर्जीवाड़ा करके हासिल की गई भूमि में लेखपाल व कानूनगो भूमाफियाओं के साथ मिलकर बिक्री।

ब्यूरो रिपोर्ट