ग्राम पंचायत कुल्ली में विकास के नाम पर खेल? ग्रामीणों ने डीएम से की उच्चस्तरीय जांच की मांग

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खखरेरू / फतेहपुर ::- विजयीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुल्ली में विकास कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ता नर सिंह पुत्र धन नारायण समेत कई ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर मनरेगा और अन्य योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा में एक दर्जन से अधिक कार्यों में अनियमितताएं बरती गई हैं और कागजों में विकास दिखाकर लाखों रुपये का बंदरबांट किया गया।

मनरेगा में गड़बड़ी के आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार मनरेगा जॉब कार्ड ऐसे लोगों के नाम जारी किए गए जो या तो बाहर शहरों में रहकर व्यवसाय कर रहे हैं या 70–80 वर्ष की आयु के बुजुर्ग हैं, जो शारीरिक रूप से कार्य करने में सक्षम नहीं हैं। आरोप है कि वास्तविक जरूरतमंदों को दरकिनार कर फर्जी या अपात्र लोगों के नाम जोड़े गए।

कागजों में सड़क, ज़मीन पर सन्नाटा
ग्रामीणों ने बदन मऊ कछरा संपर्क मार्ग पर खड़ंजा निर्माण में भी घोटाले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कागजों में खड़ंजा डाला गया, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य दिखाई नहीं देता।

इसी तरह नाली निर्माण, खड़ंजा, अमृत सरोवर, स्ट्रीट लाइट, इंटरलॉकिंग, आवास और शौचालय जैसी योजनाओं में या तो कार्य अधूरे पड़े हैं या गुणवत्ता बेहद खराब है। लेकिन कागजों में प्रधान जी ने विकास की गंगा बहा दी है

ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग दो दर्जन कार्य बिना कराए ही भुगतान निकाल लिया गया। जबकि जमीनी हकीकत में गांव अब भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है।
ग्राम प्रधान बबली देवी पर विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराने की बात कही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच में आरोप सही साबित होंगे?
और यदि हां, तो क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?

ग्राम पंचायत कुली में विकास के दावों और जमीनी सच्चाई के बीच का फर्क अब जांच के घेरे में है।

ब्यूरो रिपोर्ट