बुंदेलखंड के मन की बात सुने पीएम नरेंद्र मोदी, राज्य बनाएँ — प्रवीण पांडेय बुंदेलखंडी
फतेहपुर ::-
बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने फतेहपुर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान बुंदेलखंड राज्य निर्माण आंदोलन की आवश्यकता, पृष्ठभूमि और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में फैला बुंदेलखंड क्षेत्र वर्षों से उपेक्षा, जल संकट, बेरोजगारी, पलायन और असमान विकास नीतियों का दंश झेल रहा है, जिसका स्थायी समाधान पृथक बुंदेलखंड राज्य के निर्माण में ही निहित है।
प्रवीण पांडेय ने कहा कि बुंदेलखंड के फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, झांसी, जालौन (उरई), ललितपुर (उत्तर प्रदेश) तथा दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह और शिवपुरी (मध्य प्रदेश) सहित सभी जिलों के बुंदेलखंडवासी “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे बुंदेलखंड राज्य निर्माण की माँग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जनआंदोलन किसी एक स्थान तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड में एक साथ चल रहा अभियान है।
उन्होंने बताया कि “मन की बात” में भाग लेकर राज्य निर्माण की माँग रखने का यह संगठित अभियान बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय (बुंदेलखंडी) के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बुंदेलखंड की सामूहिक पीड़ा, आकांक्षा और अधिकार को देश के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुँचाना है।
इस अवसर पर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के मीडिया एवं सोशल मीडिया प्रभारी देवव्रत त्रिपाठी ने अभियान की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1800-11-7800 पर कॉल कर बीप के बाद 40–45 सेकंड में बुंदेलखंड राज्य की माँग रिकॉर्ड करा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि बुंदेलखंड के सभी जिलों से अधिक से अधिक लोग इस माध्यम का उपयोग करेंगे, तो राज्य निर्माण की माँग को निर्णायक बल मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने “अबकी बार — बुंदेलखंड राज्य” के नारों के साथ आंदोलन को और तेज़ करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की अस्मिता, अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का प्रश्न है।
अंत में बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने बुंदेलखंड के सभी जिलों के नागरिकों, युवाओं, किसानों, महिलाओं और बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे “मन की बात” में भाग लेकर बुंदेलखंड राज्य निर्माण की माँग को राष्ट्रीय विमर्श का अनिवार्य विषय बनाएं।
ब्यूरो रिपोर्ट



