कोरोना संक्रमित एआरओ के साथ कार्यशाला करते रहे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी

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कोरोना संक्रमित एआरओ के साथ कार्यशाला करते रहे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
जानकारी होने के बावजूद बैठक में मौजूद रहा एआरओ!

घंटों चली कार्यशाला में नाश्ते से लेकर लंच तक की थी व्यवस्था!

फतेहपुर जिले में कोरोना के संक्रमण से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही व उदासीनता बराबर सामने आती रहती हैं लेकिन आज स्वास्थ्य विभाग ने तो हद ही कर दी। एक ओर जिलाधिकारी संजीव सिंह जिले को करोना से मुक्ति दिलाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़कों पर उतर निरीक्षण कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक करोना संक्रमित एआरओ के साथ न केवल शहर क्षेत्र के होटल डिप्लोमेट में घंटों कार्यशाला की बल्कि चिकित्साधिकारियों ने एक साथ बैठ लंच भी किया। खजुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात सहायक शोध अधिकारी शिव सिंह की कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद होटल कर्मचारी एवं कार्यशाला में मौजूद अधिकारी खौफ जदा है। जीटी रोड स्थित होटल डिप्लोमेट में निमोनिया, इंसेफलाइटिस सहित संक्रामक रोगों से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा 1 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लगाए जाने पीवीसी टीके को लेकर प्रभारी चिकित्साअधिकारियों, चिकित्साधिकारियों, सहायक शोध अधिकारियों,बीपीएम, कोल्ड चेन हैंडलर, एसएसओ को मास्टर ट्रेनर के रूप में मौजूद डिप्टी सीएमओ डॉ संजय कुमार ने घंटों चली कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया। *दूसरे चरण में चयनित हुए 56 जनपदों में शामिल फतेहपुर जिले के1वर्ष से कम आयु के बच्चों को 3टीके लगाए जाने हैं। टीकाकरण की शुरुआत आगामी 8 अगस्त से होगी और इसी को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा था*।
पूर्व में 17 जुलाई को कोरोना के लक्षण पाए जाने पर खजुहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एआरओ शिव सिंह ने अपना परीक्षण कराया बावजूद किसी सावधानी के वह कार्यशाला में हाजिर हुआ। घंटों चली इस कार्यशाला में नाश्ते से लेकर लंच तक की व्यवस्था की गई थी। बताते हैं कि रिपोर्ट दोपहर पहले ही आ गई थी और एआरओ को संक्रमित होने की जानकारी भी हो गई थी लेकिन इसकी भनक उसने किसी को लगने नहीं दी। सवाल यह भी उठता है कि जब रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के पास ही आती है तो फिर कौन लोग करोना संक्रमित हुए हैं इसे जानने में महकमे अधिकारियों से चूक कैसे हो गई? जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही मनमानी व उदासीनता पर उतारू हैं ऐसे में विभाग से किस उम्मीद को पालकर आमजन रखें। दूसरों को जागरूकता व सावधानी तथा इलाज की जिम्मेदारी उठाने वाले अधिकारी ही मौज-मस्ती कर मनमानी कर रहे हैं।ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों को जिलाधिकारी को सख्त संदेश देना होगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की इस बेपरवाही से न जाने कितने लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया हैऔर लोग दहशत में है!

Crime24hours से रोहित सिंह की रिपोर्ट

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